बुधवार, 23 जनवरी 2013

ख़ामोशी एक कहानी है 


ये न सोंचो कि  शब्द बनते नहीं 
तो मुखरित क्या होंगे 
भावनाएँ होती नहीं 
तो महसूस  क्या होंगी 
मन सोंचता नहीं 
तो कहानी जन्म कैसे लेगी 


ख़ामोशी यूँ ही नहीं होती 
उसके पास शब्द भी हैं 
भावनाएँ भी  होती 
 मन तो उड़ान में 
न जाने कहाँ - कहाँ होता 
तो कहानी स्वयं ही बन जाती 
पर बोलती हैं नजरें 
समझ कर तो देखो 
ख़ामोशी एक कहानी है । 


उस  गूंगी लड़की की बोलती  नजरों को देखकर .......................

17 टिप्‍पणियां:

  1. शानदार ,बेहतरीन अभिव्यक्ति ,,,,शुभकामनायें ,,,,

    recent post: गुलामी का असर,,,

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  2. सही कहा है..कुछ खामोशियाँ शब्दों से ज्यादा मुखर होती हैं..

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  3. sundar Rachna ...Badhai
    http://ehsaasmere.blogspot.in/2013/01/blog-post_26.html

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  4. ख़ामोशी यूँ ही नहीं होती
    उसके पास शब्द भी हैं
    भावनाएँ भी होती

    ....सच कहा है...मौन का शोर भी कम नहीं होता...

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  5. खामोशियों की जुबान होती है
    उनकी आँखे..बहुत ही संवेदनशील रचना.....

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  6. बहुत सुन्दर रचना.
    ख़ामोशी की जुबां को समझो...
    समझ कर तो देखो
    ख़ामोशी एक कहानी है ।

    शुभकामनाएँ.

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  7. सच कहा आपने....मौन ही तो भावना की भाषा है.

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  8. ख़ामोशी यूँ ही नहीं होती
    उसके पास शब्द भी हैं
    भावनाएँ भी होती
    मन तो उड़ान में
    न जाने कहाँ - कहाँ होता-----bahut sarthak baat

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  9. खामोश रहकर भी अपनी भावनाए व्यक्त की जा सकती है,,,,

    RECENT POST बदनसीबी,

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  10. khamoshi ki bhi apni zuban hoti hai ....bahut sundar Rachna
    http://ehsaasmere.blogspot.in/2013/02/blog-post.html

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  11. बहुत बढि़या- सारिक खान
    http://sarikkhan.blogspot.in/

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