बुधवार, 20 जून 2012

सुनहरे सपने

सुनहरे सपने 

 देखे जाते हैं कुछ सुनहरे सपने 
उगते सूरज से सुनहरे  
जीवन के  अपने, कुछ अपनों के
बुने  जाते है ताने - बाने रंगों के
और फिर जीवंत हो उठती है कल्पना
सुन्दरतम  अहसासों के साथ
धीमे - धीमे बढ़ते जाते
हमारे खवाबों के  दायरे 
आकार  ले  लेते पूनम की चाँद के
पूर्णता के साथ जीवन के  स्वरुप  को 
ढाल देते नित नए साँचे में सुनहरे  सपने ..............
 


12 टिप्‍पणियां:

  1. ये सपने ही तो हैं जो हमें पूर्णता प्रदान करते हैं....बहुत सुन्दर..

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  2. हर सुनहरा सपना सच हो.............

    सुन्दर रचना.

    अनु

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  3. क्योंकि जरूरी हैं सपने ... जीवन कों दिशा देने के लिए ...

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  4. धीमे - धीमे बढ़ते जाते
    हमारे खवाबों के दायरे
    आकार ले लेते पूनम की चाँद के
    पूर्णता के साथ जीवन के स्वरुप को

    बहुत खूब

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  5. ढाल देते नित नए साँचे में सुनहरे सपने ,,,,,



    मन के भावों का सुंदर प्रस्तुति ,,,

    MY RECENT POST:...काव्यान्जलि ...: यह स्वर्ण पंछी था कभी...

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  6. नई आशाएं संजोते स्वप्न..... बहुत सुंदर

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  7. आकार ले लेते पूनम की चाँद के
    पूर्णता के साथ जीवन के स्वरुप को

    ......बहुत खूब

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